पुस्तक समीक्षा: कुछ वो पल — सुब्रत सौरभ

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विधा : कविता /काव्य संग्रह

कवि : सुब्रत सौरभ 

प्रकाशक: नोशन प्रेस

कीमत: 125/- रुपये  

‘वो हज़ारों में एक है, मेरी मोहब्बत का वो ईनाम है

वो इम्तहान है मेरे सब्र का, इसलिए चर्चा सरे आम है।’

सुब्रत सौरभ, कुछ वो पल  आपने कई प्रेम कहानियां पढ़ी होंगी, पर क्या आपने किसी कहानी को कविताओं के रूप पढ़ा है? ऐसी कवितायें जिनमें आपके मन को खुशनुमा बनाने की क़ूवत होती हैं? सौरभ सुब्रत द्धारा लिखित ‘कुछ वो पल’ ऐसी ही खूबसूरत कविताओं का संग्रह है जो आपको एक ऐसे सफ़र पर ले जाता है जहाँ खुशियां हैं तो थोड़े ग़म भी हैं। ये एक युवक के जीवन के संघर्ष के बारे में है — घर से दूरी का ग़म, नए दोस्त, प्यार, निराशा, और उसके बाद, दिल का टूटना, वो अकेलापन, उदासी। आप इसे अकेले पढ़ें, या अपने पार्टनर के साथ या फिर दोस्तों साथ — ‘कुछ वो पल’ आपके उन पलों को ख़ास बना देगी। बिहार के मुज़्ज़फ़्फ़रपुर में पले बढे सौरभ सुब्रत अपने आस पास की चीज़ों और लोगों पर पैनी नज़र रखते है जो उन्हें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं। सोशल मीडिया पर चिकन बिरयानी के नाम से जाने जाने वाले सुब्रत अक्सर तीक्ष्ण और परिहासपूर्ण विचार लिखते रहते हैं। उनकी कविताएं और कहानियां कई अखबारों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। कविताएं हमारे भावनाओं की सबसे खूबसूरत अभिव्यक्ति होती हैं। कुछ वो पल दिल से लिखी गयी रचना है जो सीधे आपके दिल में उतरती है। इसकी भाषा सरल पर खूबसूरत है। कुछ तस्वीरें भी हैं जो इन कविताओं को एक परिपूर्णता प्रदान करती है। जीवन से सम्बंधित कई बातें बिलकुल सीधे शब्दों में कही गयी हैं कि आप मुस्कुराये बिना नहीं रह पाएंगे। भाषा में एक सच्छाई, एक खरापन है, और अभिव्यक्ति मार्मिक है। जीवन के प्रति उनका अवलोकन उनकी रचनाओं में झलकता है। मगर, कुछ बातें है जो मुझे कुछ ख़ास पसंद नहीं आयी। जैसे कवर — ऐसी हृदयस्पर्शी कविताओं के संग्रह का कवर, कवि की तस्वीर की बजाय, थोड़ा भावनात्मक और आकर्षक होना चाहिए। हिंदी कविताओं में अंग्रेजी का मिश्रण मुझे बिलकुल पसंद नहीं आया। जहाँ कविताओं से मेल खाती हुई तसवीरें सुन्दर लगती हैं, वहीँ ब्लैक&वाइट तस्वीरों ने उसकी शोभा थोड़ी कम कर दी। कुल मिलाकर, कुछ वो पल एक सरल, सुन्दर और दिल को छू लेने वाला संग्रह है। कविताएं जो आपको भाएंगी, और सुहानी रातों में आपका मन बहलाएंगी।   …………………………………… 

समीक्षक: नम्रता  नम्रता एक लेखिका हैं और स्वतंत्र संपादक के रूप में काम करती हैं। ज़ाहिर है, वो पढ़ने की शौक़ीन हैं। उनके बारे में ज्यादा जानने के लिए आप उनके वेबसाइट पर जा सकते हैं, जहाँ वो अक्सर विभिन्न प्रकाशकों द्धारा प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षा लिखती हैं। http://www.privytrifles.co.in/  

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